प्रेम की वंदना
प्रभु की वंदना
आओ चलो जीवन में करें विचार
विषय हो प्रभु की वंदना आज
जीवन में करें प्रभु की भक्ति
मिलती है जीवन में शक्ति
अर्पित करके प्रभु के चरणों में
हो जाऊं भवसागर पार
कैसे जानते हैं प्रभु को
करते हैं निवास सद्भावना के साथ
करें जीवन में निर्णय अनेक
प्रभु की इच्छा से करें विवेक
परिभाषा दे दूं प्रभु की
सद्विचार का संग्रह होता आज
करते सुबह शाम प्रभु को प्रणाम
मार्ग दिखाता है बैकुंठ धाम
मांगे प्रभु से एक आशीर्वाद
रक्षा करना मात पिता और गुरु की आज
रचनाकार :- विनय कुमार पटेल